‘यूथ बोले तो’ में युवाओं से सीधे संवाद, रोजगार, शिक्षा और युवा आयोग जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा

प्रयागराज के परेड मैदान में आयोजित कार्यक्रम में चिराग पासवान ने युवाओं के सवाल सुने; राष्ट्रीय युवा आयोग, प्रतियोगी परीक्षाओं, हॉस्टल-पीजी और रोजगार से जुड़े विषयों पर हुई विस्तृत बातचीत

प्रयागराज, 27 सितंबर 2026। युवाओं के साथ सीधे संवाद और उनके विचारों एवं समस्याओं को समझने के उद्देश्य से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से प्रयागराज के परेड मैदान में ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री चिराग पासवान ने बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं एवं छात्र-छात्राओं के साथ सीधे संवाद किया और उनके सवालों को सुना।

कार्यक्रम का केंद्र युवाओं से संवाद रहा। शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, उद्यमिता, छात्र आवास, युवा प्रतिनिधित्व और युवाओं से जुड़े संस्थागत विषयों पर युवाओं ने अपने सवाल एवं सुझाव सामने रखे। चिराग पासवान ने विभिन्न सवालों पर अपनी बात रखते हुए युवाओं के साथ निरंतर संवाद और उनकी समस्याओं को नीति-निर्माण तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

युवाओं से सीधे सवाल-जवाब

‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम की विशेषता युवाओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद रहा। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को मंच से अपनी बात रखने और सवाल पूछने का अवसर मिला।

रिपोर्टों के अनुसार, संवाद में चार युवाओं ने रोजगार, युवा आयोग, प्रतियोगी परीक्षाओं, हॉस्टल-पीजी की सुविधाओं और उद्यमिता जैसे विषयों पर सवाल रखे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रा निवेदिता ने युवाओं की समस्याओं को नीति-निर्माण तक पहुंचाने के लिए युवा आयोग से जुड़े विषय पर सवाल किया।

देवरिया की छात्रा जाह्नवी ने प्रयागराज में पढ़ाई करने के लिए आने वाले विद्यार्थियों के सामने निजी हॉस्टल और पीजी में अधिक किराये तथा अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। वहीं मिर्जापुर के प्रतियोगी छात्र राहुल ने प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल होने वाले युवाओं के सामने रोजगार एवं वैकल्पिक अवसरों से जुड़ा सवाल रखा। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के विधि छात्र सौरभ ने युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्योग शुरू करने में सरकारी सहयोग से संबंधित विषय उठाया।

राष्ट्रीय युवा आयोग के गठन की बात

कार्यक्रम में युवाओं के लिए एक समर्पित राष्ट्रीय युवा आयोग की आवश्यकता का विषय प्रमुखता से सामने आया।

चिराग पासवान ने कहा कि देश में युवाओं की बड़ी आबादी है और उनकी समस्याओं, अधिकारों, शिक्षा, रोजगार एवं भविष्य से जुड़े विषयों पर एक समर्पित संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता है। उन्होंने महिला एवं बाल आयोग की तर्ज पर युवाओं के लिए भी आयोग की आवश्यकता की बात रखी।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में सरकार में भागीदारी की स्थिति में युवा आयोग के गठन की बात भी कही। उनके अनुसार ऐसा मंच शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और युवाओं से जुड़े अन्य विषयों पर काम कर सकता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर युवाओं की चिंता

प्रयागराज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों का प्रमुख केंद्र है। कार्यक्रम के दौरान परीक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी छात्रों से जुड़े विषय भी सामने आए।

चिराग पासवान ने परीक्षा की तिथियों में बार-बार बदलाव की आवश्यकता नहीं होने की बात कही। साथ ही पेपर लीक अथवा सरकारी स्तर की लापरवाही के कारण परीक्षा रद्द होने की स्थिति में विद्यार्थियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक एवं मानसिक प्रभाव से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने ऐसी परिस्थितियों में छात्रों के यात्रा, ठहरने और भोजन से जुड़े खर्च तथा रद्द परीक्षा के attempt को लेकर भी व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता बताई।

उन्होंने युवाओं की समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा में संवाद को महत्वपूर्ण बताया।

हॉस्टल और पीजी की सुविधाओं का मुद्दा

प्रयागराज में देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए आते हैं। कार्यक्रम में छात्रों ने निजी हॉस्टल, पीजी एवं गेस्ट हाउस से जुड़े विषयों को भी सामने रखा।

छात्रों ने अधिक किराये, मूलभूत सुविधाओं की कमी और विद्यार्थियों के लिए बेहतर एवं किफायती आवास की आवश्यकता का मुद्दा उठाया। इस पर निजी हॉस्टल और पीजी व्यवस्था में निगरानी तथा नियमन की आवश्यकता पर चर्चा हुई।

रोजगार से उद्यमिता तक

कार्यक्रम में रोजगार का विषय भी युवाओं के सवालों में प्रमुख रहा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के सामने परीक्षा में सफलता नहीं मिलने के बाद रोजगार और भविष्य को लेकर उत्पन्न होने वाली चुनौतियों पर चर्चा हुई।

चिराग पासवान ने युवाओं को अपनी प्रतिभा एवं कौशल पहचानने तथा स्वरोजगार और उद्यमिता की संभावनाओं पर भी विचार करने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहने और रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया।

स्टार्टअप और छोटे उद्योगों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी संवाद हुआ।

युवाओं की राजनीति और सामाजिक भागीदारी

कार्यक्रम के दौरान युवाओं की सार्वजनिक एवं राजनीतिक भागीदारी का विषय भी सामने आया। चिराग पासवान ने पढ़े-लिखे युवाओं के राजनीति में आने की आवश्यकता पर बात रखी और कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले युवा अपने अनुभव और ज्ञान के माध्यम से नीति एवं व्यवस्था में योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने युवाओं से अपनी प्रतिभा को पहचानने, कौशल विकसित करने और समाज के विभिन्न विषयों पर अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

संवाद के माध्यम से समाधान पर जोर

‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम के दौरान चिराग पासवान ने युवाओं के साथ संवाद को विशेष महत्व दिया। उन्होंने युवाओं की समस्याओं पर सीधे बातचीत को समाधान की दिशा में आवश्यक कदम बताया।

कार्यक्रम से संबंधित रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर युवाओं के बीच चिंता रही है। इस संदर्भ में चिराग पासवान ने टकराव के बजाय संवाद और शासन-प्रशासन के साथ बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने पर जोर दिया।

युवाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता

कार्यक्रम में युवाओं की अच्छी भागीदारी रही। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही युवा परेड मैदान पहुंचने लगे थे। चिराग पासवान के मंच पर पहुंचने पर मौजूद युवाओं ने तालियों और नारों के साथ उनका स्वागत किया। कई युवा मोबाइल फोन से कार्यक्रम के क्षणों को रिकॉर्ड करते हुए भी दिखाई दिए।

कार्यक्रम का स्वरूप युवाओं के साथ प्रत्यक्ष बातचीत पर केंद्रित रहा, जिसमें युवाओं को अपनी समस्याएं और सुझाव सामने रखने का अवसर मिला।

‘यूथ बोले तो’ का उद्देश्य

‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं के साथ सीधे संवाद स्थापित करने और उनके विचारों एवं समस्याओं को सामने लाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में सामने आए सवालों ने रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्र आवास, उद्यमिता और युवाओं की संस्थागत भागीदारी जैसे विभिन्न विषयों को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश सामने आया कि युवाओं से निरंतर संवाद, उनकी समस्याओं को सुनना और उनके सुझावों को नीति एवं व्यवस्था तक पहुंचाना आवश्यक है।

प्रयागराज से युवाओं के साथ संवाद को आगे बढ़ाने का संदेश

प्रयागराज में आयोजित ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम ने युवाओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद का एक मंच उपलब्ध कराया, जहां छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव और समस्याएं साझा कीं।

कार्यक्रम के बाद चिराग पासवान ने भी प्रयागराज में युवाओं की मौजूदगी और सहभागिता का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं का साथ उनके विश्वास को मजबूत करता है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं के साथ संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने, उनके विचारों को समझने और शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा उद्यमिता जैसे विषयों पर निरंतर चर्चा की आवश्यकता को सामने रखा गया।

सीमा सिंह
प्रधान महासचिव, महिला प्रकोष्ठ
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), पूर्वी उत्तर प्रदेश